केंद्रीय सरकार ने नई आर्थिक नीति की घोषणा की, कर कटौती और बुनियादी ढांचा निवेश पर जोर
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
केंद्रीय सरकार ने आयकर स्लैब कटौती, कस्टम ड्यूटी में कमी और 1.5 ट्रिलियन रुपये के बुनियादी ढांचा फंड के साथ नई आर्थिक नीति पेश की। इस कदम से GDP में 4% वृद्धि और रोजगार में 2% सुधार की उम्मीद है।
इस महीने केंद्रीय सरकार ने नई आर्थिक नीति की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिरता और निवेश आकर्षण को बढ़ावा देना है। नीति के प्रमुख बिंदुओं में कर में कटौती, बुनियादी ढांचा निवेश और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन शामिल हैं। इस निर्णय को संसद में 300 से अधिक सदस्यों के समर्थन से पारित किया गया। नीति के अनुसार, छोटे और मध्यम उद्यमों को नई वित्तीय सहायता योजनाएं मिलेंगी। इस कदम से रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि की उम्मीद है।
इस नीति के तहत, आयकर स्लैब को 10% तक घटाया गया है, जिससे व्यक्तिगत आयकर भार में 15% की कमी होगी। इसके अलावा, आयातित वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में 5% की कटौती की गई है, जो घरेलू उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगी। केंद्रीय सरकार ने इन परिवर्तनों को वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल किया है।
सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 1.5 ट्रिलियन रुपये का नया फंड स्थापित किया है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य सड़क, रेल, ऊर्जा और जल आपूर्ति परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करना है। परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नीति से GDP में 4% की वृद्धि संभव है। रोजगार दर में 2% की वृद्धि की संभावना है, खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में। नीति के प्रति आलोचकों ने कहा कि कर कटौती से राजस्व पर असर पड़ेगा, परन्तु सरकार ने यह दावा किया कि बढ़ती आर्थिक गतिविधि से राजस्व में वृद्धि होगी।
वित्त मंत्रालय ने बजट में 200 बिलियन रुपये का अतिरिक्त आवंटन भी किया है, जिससे छोटे उद्यमों के लिए ऋण सुविधा आसान होगी। इसके अतिरिक्त, सरकार ने डिजिटल इंडिया पहल के तहत ऑनलाइन कर भुगतान प्रणाली को और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया है। इससे कर संग्रहण में सुधार और समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।
संसद में बहस के दौरान, विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि नीति का लाभ केवल बड़े उद्योगों को मिलेगा और छोटे व्यवसायों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिलेगा। सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किया जाएगा और नई सहायता योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास होगा।
केंद्रीय सरकार का यह निर्णय देश की आर्थिक नीतियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाता है, और आने वाले वर्षों में निवेश व रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की आशा जगाता है।