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मीरा भाईंदर: जमीन विवाद में नया मोड़, सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन ने निर्माण अनुमति सरेंडर की, FIR वापस लेने की भी मांग
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मीरा भाईंदर: जमीन विवाद में नया मोड़, सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन ने निर्माण अनुमति सरेंडर की, FIR वापस लेने की भी मांग

City News Mumbai•16 सितंबर 2026 को 11:39 am बजे•103 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

७/११ कंपनी के डायरेक्टर का खुलासा

*मीरा भाईंदर, 16 सितंबर 2026 | सिटी न्यूज़ मुंबई*
मीरा भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र के नवघर स्थित जमीन विवाद में सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. ने प्रेस नोट और आधिकारिक पत्रों के माध्यम से पूरे मामले का खुलासा किया है। कंपनी ने विवादित जमीन का पूरा लेन-देन इतिहास सार्वजनिक करते हुए कंपनी के डायरेक्टर प्रशांत केलूस्कर बड़ा फैसला लिया है। असगर अली वोहरा हाल ही में प्रधान मंत्री से मिलकर गंभीर आरोप लगते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी जिसके बाद यह नतीजा निकला है।

जमीन का पूरा इतिहास

जमीन: मौजे नवघर, पुराना सर्वे क्रमांक 240, नया सर्वे क्रमांक 185, हिस्सा क्रमांक 6, कुल क्षेत्र 2810 वर्ग मीटर।
मूल मालिक: रेनॉल पिटर लोबो व अन्य 5 इन्होंने 14/03/1989 को यह जमीन अजगर अली वोरा को बेची थी।
दूसरी बिक्री बाद में रेनॉल पिटर लोबो व अन्य 5 ने वही जमीन दोबारा स्वयं डेव्हलपर्स को दस्तावेज क्रमांक 1162/2011 (01/02/2011) के तहत बेच दी।
तत्कालीन तलाठी ने फेरफार क्रमांक 1787 (09/11/2012) से 7/12 पर स्वयं डेव्हलपर्स का नाम दर्ज कर दिया।
कोर्ट केस और नया मालिकाना हक

अजगर अली वोरा ने स्वयं डेव्हलपर्स के खिलाफ ठाणे दीवानी न्यायालय में दावा क्रमांक 946/2011 दाखल किया था, जो 16 जनवरी 2026 को खारिज हो गया।
इसी बीच, जोसेफ फर्नांडीस के वारिस मरविन जोजफ फर्नांडीस ने दावा क्रमांक 337/2014 दाखल कर जमीन में 50% हक का दावा किया, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर वारसा हक के तौर पर उन्हें प्रदान किया।
इस आदेश के बाद फेरफार क्रमांक 2305 (01/11/2014) से 7/12 पर मरविन जोजफ फर्नांडीस का नाम दर्ज हुआ।
- मरविन ने अपना 50% हक मुकेश पारेख को रजिस्टर्ड कुलमुखत्यारपत्र (दस्त क्रमांक 4-3209/2015, दि. 15/06/2015) के जरिए दे दिया/बेच दिया।

-सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन की एंट्री

सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन ने मुकेश पारेख व मरविन जोजफ फर्नांडीस से 1405 वर्ग मीटर जमीन (कुल जमीन का 50% हिस्सा — सर्वे 240/6B) टनन दस्त क्रमांक 4/6807/2019 (13/06/2019) के तहत खरीदी।
इस जमीन के दो हिस्से हुए — 240/6A (रेनॉल पिटर लोबो व अन्य के नाम) और 240/6B (मरविन जोजफ फर्नांडीस के नाम) — जिसमें से 240/6B कंपनी ने खरीदी।
इसी 240/6B जमीन पर कंपनी ने मीरा भाईंदर महानगरपालिका के नगररचना विभाग से बांधकाम परवानगी (क्रमांक MBMC/B/2026/APL/00462, दि. 17/04/2026) प्राप्त की थी।

अब क्यों उठाया बड़ा कदम?

जमीन को लेकर लगातार विवाद और शिकायतें आने के कारण कंपनी ने 240/6B जमीन का सौदा रद्द कर मुकेश पारेख व मरविन जोजफ फर्नांडीस को जमीन लौटा दी।
इसी के चलते कंपनी ने नगररचना विभाग को 15 सितंबर 2026 का पत्र देकर निर्माण अनुमति सरेंडर कर दी और जमा फीस वापस करने की मांग की।
पुलिस आयुक्त कार्यालय (मीरा भाईंदर वसई-विरार) को 13 सितंबर 2026 का पत्र देकर FIR क्रमांक 0593 (दि. 12/12/2025 — अजगर अली वोरा व अजय ढोका उर्फ आजू पर दर्ज ट्रेस्पासिंग/अनाधिकृत प्रवेश की शिकायत) वापस लेने की मांग की, क्योंकि कंपनी का दावा है कि अब आपसी समझौता हो चुका है।
- अजगर अली वोरा के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी साझा की गई है।

कंपनी का स्पष्ट दावा

सेवन एलेवन कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. का अब सर्वे नंबर 240/6B और अजगर अली वोरा से संबंधित जमीन से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने किसी की दिशाभूल या धोखाधड़ी नहीं की है — दी गई सभी जानकारी सत्य और सही है।"
अंतिम स्थिति जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों, न्यायालयीन आदेशों और FIR के संबंध में अंतिम कानूनी स्थिति सरकारी रिकॉर्ड और अदालत के आदेशों पर निर्भर करेगी।
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