पुलिस दल के अधिकारियों, कर्मचारियों को साहसी कार्य के लिए मुख्य शौर्य पदक
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मनोबल बढ़ाने के लिए सम्मान, हर वर्ष महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या को घोषणा की जाएगी
राज्य के पुलिस बल के अधिकारी, कर्मचारियों को साहसी कार्य के लिए "मुख्यमंत्री शौर्य पदक" प्रदान किया जाएगा। कर्तव्य निभाते समय जोखिम उठाकर किए गए कार्य के लिए मुख्यमंत्री शौर्य पदक विजेताओं को नकद पचास हजार रुपये, पदक तथा प्रशस्तीपत्र मिलेगा। इस सम्मान योजना को आज हुई मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक के अध्यक्षस्थली मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे।
हर साल महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या, १ मे को, मुख्यमंत्री शौर्य पदकों की घोषणा की जाएगी। शौर्य पदक के साथ, नकद पचास हजार रुपये तथा प्रशस्तीपत्र इस सम्मान का रूप होगा। हर साल शौर्य पदकों की निश्चित संख्या नहीं रहेगी। यह राज्यभर के क्षेत्रीय स्तर के कार्यों के बारे में रिपोर्टों और आने वाले प्रस्तावों के अधीन रहकर घोषित की जाएगी।
महाराष्ट्र के गडचिरोली और गोंदिया माओवाद से प्रभावित जिले हैं। माओवाद, दहशतवाद, जातीय दंगली, संगठित अपराध, तस्करी सहित आंतरिक सुरक्षा और बाहरी हमलों से सुरक्षा की जिम्मेदारी महाराष्ट्र पुलिस बल के अधिकारी, कर्मचारी साहस और शौर्य के साथ निभाते हैं। पुलिस बल के अधिकारी, कार्यकर्ताओं के साहस को सम्मानित करने के लिए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा हर साल शौर्य, राष्ट्रपति शौर्य और अशोकचक्र, किर्तीचक्र जैसी विभिन्न पदक २६ जनवरी और १५ अगस्त को घोषित किए जाते हैं।
भारत के पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, मेघालय, मणिपुर, केरल जैसे राज्यों में पुलिस बल की उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठ समर्पण को मान्यता देते हुए पुरस्कार दिए जाते हैं। उसी आधार पर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शौर्य पदक दिया जाएगा। इस पुरस्कार के चयन के लिए राज्य के पुलिस महासंचालक के अध्यक्षत्व में प्रथम चयन समिति होगी। इस समिति को जिला स्तर से पुलिस अधीक्षक, जो उस क्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक द्वारा, तथा पुलिस आयुक्त पुलिस महासंचालक को प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। राज्य स्तर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के अध्यक्षत्व में समिति होगी। इसके बाद ये प्रस्ताव गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शौर्य पदक को मृत्युपर्यंत भी देने की व्यवस्था की गई है। मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री शौर्य पदक के चयन विधि, उसके लिए समिति की संरचना और अनुषंगिक खर्च की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।